UP Chunav 2022: मुलायम के सुरक्षा गार्ड रहे ये केंद्रीय मंत्री करहल से अखिलेश के सामने होंगे BJP के अभिमन्यु

UP Chunav 2022: मुलायम के सुरक्षा गार्ड रहे ये केंद्रीय मंत्री करहल से अखिलेश के सामने होंगे BJP के अभिमन्यु

लखनऊ प्रो. एसपी सिंह बघेल उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के भटपुरा के मूल निवासी हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस में बतौर सब इंस्पेक्टर के रूप में तैनात रहे बघेल 1989 में मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी सुरक्षा में शामिल हो गए। बघेल से प्रभावित मुलायम सिंह यादव ने उनको जलेसर सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर 1998 में पहली बार उतारा था। एसपी सिंह बघेल ने अपने पहले ही चुनाव में जीत दर्ज की। उसके बाद दो बार सांसद चुने गए। 2010 में बसपा ने उन्हें राज्यसभा में भेजा, साथ ही राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी भी दी।

2014 में फिरोजाबाद लोकसभा से सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव के पुत्र अक्षय यादव के सामने चुनाव लड़े, लेकिन चुनाव हार गए थे।केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल भाजपा से लड़ेंगे अखिलेश यादव के सामने चुनाव। भाजपा ने मैनपुरी जिले की करहल सीट पर सपा मुखिया अखिलेश यादव के सामने केंद्रीय मंत्री एस पी सिंह बघेल को प्रत्याशी बना दिया है। एसपी सिंह बघेल अपना नामांकन दाखिल करने कलेक्ट्रेट भी पहुंच गए हैं।

बता दें कि दो दिन पहले केंद्रीय हाईकमान ने चिंतन मनन किया था। रविवार को अपने ही सामने प्रदेश प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने नामांकन पत्र भरने की प्रक्रिया पूरी कराई थी। स्मृति ईरानी की तरह एसपी सिंह बघेल के रूप में भाजपा दूसरा प्रयोग कर रही है। इस बाबत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने जागरण से बातचीत में कहा कि अभी देखिए आगे आगे होता है क्या। बेहद सशक्त उम्मीदवार हैं एसपी सिंह बघेल l

करहल विधानसभा सीट मैनपुरी जिले की महत्वपूर्ण सीट है. सोबरन सिंह यादव पिछले 4 बार से करहल से विधायक है. यहां साल 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी. साल 1993 से लेकर आज तक में सिर्फ एक बार साल 2002 में यहां सपा को हार का मुंह देखना पड़ा था. समाजवादी पार्टी के बाबूराम यादव साल 1993 और 1996 में करहल से चुनाव जीते. साल 2002 में सोबरन ही बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीते. साल 2007 में सपा ने फिर से वापसी की और सोबरन सिंह ही साइकिल के सिंबल पर विधायक बने.

साल 2017 में भी बीजेपी की लहर होने के बावजूद बीजेपी, सोबरन सिंह यादव का किला नहीं भेद पाई और वह चौथी बार करहल के विधायक बने. उन्होंने बीजेपी के रमा शाक्य को पटखनी दी थी. मैनपुरी जिले में आने वाली करहल विधानसभा में साल 2017 में कुल 49.57 फीसदी वोट पड़े थे. सोबरन सिंह यादव को यहां 1 लाख 4 हजार 221 वोट मिले थे. वहीं बीजेपी की रमा शाक्य को 65 हजार 816 लोगों ने मतदान किया था. तीसरे नंबर पर बीएसपी के दलवीर रहे, जिन्हें 29 हजार 676 वोट मिले थे.