चेतन भगत ने उर्फी जावेद पर करीब एक हफ्ते पहले कमेंट किया था। मामले ने तब तूल पकड़ लिया जब उर्फी की तरफ से प्रतिक्रिया आई। उर्फी ने मीटू मूवमेंट के दौरान उनके कथित व्हाट्सऐप चैट को शेयर कर दिया। हाल ही में चेतन भगत ने एक कार्यक्रम में कहा था कि आज का युवा बिस्तर में घुसकर उर्फी के वीडियोज देखता है। इससे युवाओं का ध्यान भटकता है। जिस पर उर्फी ने कहा कि साहित्य फेस्टिवल में उनके बारे में बोलने का क्या तुक बनता है। वो कोई लेखक नहीं हैं। बिना वजह उन पर क्यों कमेंट किया जा रहा है।

चेतन भगत ने दी सफाई

ट्विटर पर सोमवार की सुबह से उर्फी जावेद ट्रेंडिंग में बनी हुई हैं। जहां यूजर्स दो गुटों में बंटे हुए दिखे। कई ने उर्फी का सपोर्ट किया तो कुछ ने चेतन भगत की बातों को सही ठहराया। चेतन भगत ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘कभी किसी से बात नहीं की, चैट नहीं की, मिला नहीं और ना ही जानता हूं, ऐसा फैलाया जा रहा है कि मैंने ये किया है। यह फेक है, झूठ है। यह कोई मुद्दा नहीं है। किसी की आलोचना नहीं की। मुझे लगता है कि लोगों को इंस्टाग्राम पर समय बर्बाद करने की जगह फिटनेस और करियर पर ध्यान देना चाहिए। ऐसा कहने में कुछ गलत नहीं है।‘

उर्फी जावेद का पलटवार

उर्फी जावेद ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा था, ‘उनके जैसे पुरुष हमेशा महिलाओं को ही गलत ठहराते हैं। रेप कल्चर को प्रमोट करना बंद करना चाहिए। पुरुषों के व्यवहार के लिए महिलाओं के कपड़ों को दोषी ठहराना 80s की बात हो गई है मिस्टर चेतन भगत।‘ एक वीडियो में उर्फी ने कहा, ‘ये कहना कि मेरी वजह से यूथ खराब हो रहा है। चुपके चुपके लोग मेरी पोस्ट देखते हैं। आप तो बड़े हैं। यूथ छोड़ो आप शादीशुदा होने के बावजूद अपने से आधी उम्र की लड़कियों को क्यों मैसेज कर रहे थे? तब कुछ खराब नहीं हो रहा आपका?’

पहले माफी मांग चुके चेतन भगत

उर्फी जावेद ने चेतन भगत के 2018 में मीटू मूवमेंट के दौरान कथित व्हाट्सएप चैट शेयर किया था। गौरतलब कि साल 2018 में चेतन भगत पर एक महिला पत्रकार ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। आरोपों पर चेतन भगत ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेज से एक पोस्ट लिखकर माफी मांगी थी। उन्होंने स्क्रीनशॉट्स को सही ठहराया और कहा था कि उन्होंने ये बातें अपनी पत्नी को बताई हैं और तब यह पोस्ट लिख रहे हैं।

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