जानें युवा समाजवादी सौरभ सिंह की जीत कैसे बदल सकती हैं विश्वनाथगंज की बदहाल तस्वीर और तकदीर,विश्वनाथगंज की जनता इतिहास बना बदल सकती हैं अपना भविष्य 

लखनऊ, प्रतापगढ़ जनपद की विश्वनाथगंज विधानसभा सीट 2012 के परिसीमन के बाद बनी l इससे पहले यह विधानसभा लक्ष्मणपुर व गड़वारा से जानी जाती थी l 2012 में विश्वनाथगंज विधानसभा पर पहली बार चुनाव लड़ा गया l इसमें समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी राजाराम पांडे की जीत हुई थी l फिर 2014 राजाराम पांडे के दुखद निधन के बाद हुए उपचुनाव और 2017 के विधानसभा चुनावों में आर.के वर्मा ने अपना दल से जीत दर्ज की जहाँ उनके सामने राजाराम पांडे के पुत्र संजय पांडे समाजवादी पार्टी से मैदान में थेl

हालांकि पिछले 10 सालों में विश्वनाथगंज की जनता को विकास के नाम पर कुछ ख़ास हासिल ना हो सका l जिसकी कहानी खुद यहाँ की जर्जर सड़कों से लेकर बदहाल अस्पताल और स्कूल बयां कर रहे हैं l इन प्रत्याशियों की जीत महज एक चुनावी रणनीति एवं जातीय समीकरण था l आपको बता दे कि विश्वनाथगंज विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा कुर्मी वोटर हैं l इसके कारण इस सीट पर पिछले दो चुनावों से अपना दल (एस) के प्रत्याशी की जीत हो रही है l वहीं दूसरे नंबर पर ब्राह्मण जाति के मतदाता हैं जो किसी भी दल के प्रत्याशी की जीत में निर्णायक भूमिका अदा करते है l और इन्हीं जातिगत समीकरणों के कारण ही सभी राजनैतिक पार्टियां जिताऊ जातियों के प्रत्याशी ही चुनावी मैदान में उतारती रही हैं भले ही उनका विश्वनाथगंज की जनता के विकास से कोई वास्ता ना रहा हो l

इस बार समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इन सभी जातीय समीकरणों और परिवारवाद की परिपाटी से हटकर एक युवा प्रत्याशी सौरभ सिंह को चुनाव मैदान में उतारा हैं l सौरभ सिंह, प्रतापगढ़ के चर्चित बहुँचारा गाँव के निवासी हैं जहाँ के कई आईएएस,आईपीएस और शिक्षाविद आदि देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं l सौरभ सिंह के पिता संजय सिंह लगभग 15 वर्षो तक बहुँचारा गाँव के प्रधान रहे और गाँव के लगभग हर तबके के विकास में उन्होंने अपना सराहनीय योगदान दिया l पिता के सामाजिक कार्यों से प्रेरित हो सौरभ सिंह अपने छात्र जीवन से ही अनेक राजनैतिक और सामाजिक कार्यों अपनी अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं l

पिछले कई सालों से सौरभ सिंह विश्वनाथगंज विधानसभा में सक्रिय रहे हैं, वहाँ के लोगों के सुख दुख में उनके साथ खड़े रहे हैं l अब देखना दिलचस्प होगा कि विश्वनाथगंज की जनता इस बार अपने लायक बेटे को जिताकर अपने क्षेत्र में विकास की नयी बयार लाती हैं या फिर जाति पाति के छलावे में आकर फिर किसी गैर भरोसेमंद और नालायक प्रत्याशी को जिताकर विश्वनाथगंज के सुखद भविष्य पर ताला लगा देती हैं l

उम्मीद हैं कि विश्वनाथगंज की जनता इस बार इतिहास को फिर ना दोहराकर एक नया इतिहास बनाएगी और सौरभ सिंह जैसे युवा, कर्मठ एवं ईमानदार प्रत्याशी को जिताकर अपने क्षेत्र और भावी पीढ़ी को एक सुनहरा भविष्य प्रदान करेगी l

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