UP MLC Election: विधान परिषद में पूर्ण बहुमत पाया, 40 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ा पर मायावती के कीर्तिमान को नहीं तोड़ पाए सीएम योगी

UP MLC Election: विधान परिषद में पूर्ण बहुमत पाया, 40 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ा पर मायावती के कीर्तिमान को नहीं तोड़ पाए सीएम योगी

यूपी की सत्ता में रहते हुए बीजेपी ने एमएलसी की 36 सीटों में से 33 पर जीत हासिल की है, लेकिन वह मायावती के कीर्तिमान को तोड़ने में नाकाम रही है। साल 2010 में मायावती की सरकार के दौरान बसपा ने एमएलसी चुनावों में रिकॉर्ड बनाया था, जिसे तोड़ने में अभी तक कोई भी पार्टी कामयाब नहीं हो पाई है।

2010 में मयावाती की सरकार में एमएलसी के चुनाव में बसपा ने 36 में से 34 सीटों पर जीत प्राप्त की थी। वहीं, बीजेपी ने भी एमएलसी चुनावों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 33 सीटें जीती हैं, लेकिन वो बसपा के रिकॉर्ड को तोड़ने से चूक गई। भले ही भारतीय जनता पार्टी मयावती के रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाई हो, लेकिन दोनों सदनों में पूर्ण बहुमत पाकर बीजेपी ने भी इतिहास रच दिया है।

बीजेपी की इस जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके बधाई दी है। पीएम मोदी ने कहा, “यूपी विधान परिषद के चुनावों में सभी विजयी उम्मीदवारों को बहुत-बहुत बधाई। यह जीत एक बार फिर बीजेपी के विकास मॉडल पर जनता-जनार्दन के विश्वास की अभिव्यक्ति है। योगी आदित्यनाथ जी की सरकार के साथ ही पार्टी संगठन से जुड़े सभी कार्यकर्ताओं को ढेरों शुभकामनाएं।” पीएम मोदी के अलावा अमित शाह समेत कई दिग्गज नेताओं ने भी एमएलसी चुनाव में जीत के लिए सीएम योगी को बधाई दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सभी पार्टी नेताओं का बारी-बारी से शुक्रिया अदा किया है और खुद भी जीत हासिल करने वाले उम्मीदवारों को बधाई दी।

2017 में जब योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने थे, उस वक्त सपा विधान परिषद में सबसे बड़ा दल था। लेकिन कभी कार्यकाल पूरा होने की वजह से और कभी सपा के सदस्यों की तरफ से इस्तीफा देने के कारण धीरे-धीरे सपा के नंबर कम होते गए और बीजेपी की संख्या बढ़ती गई। साल 2004 में मुलायम सिंह यादव की सरकार के दौरान स्थानीय निकाय की एमएलसी की 36 सीटों में से सपा ने 24 सीटें जीती थीं

40 सालों में पहली बार यूपी विधान परिषद में किसी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला है। यह रिकॉर्ड बनाने में बीजेपी कामयाब हुई है। इससे पहले 1982 में कांग्रेस के पास पूर्ण बहुमत था। यूपी विधान परिषद में 100 सीटें हैं जिनमें से 36 के लिए चुनाव हुए थे। नौ सीटों पर बीजेपी उम्मीदवारों ने निर्विरोध जीत हासिल की, जबकि 27 सीटों पर वोटिंग हुई, जिनमें से 24 पर बीजेपी को जीत मिली।