UP Election 2022: जानिए कैसे इस्तीफों के बीच ‘हठ योग’ की ताकत को दिखाएंगे योगी आदित्यनाथ?

इधर यूपी के चुनावी मौसम में इस्तीफों की बारिश हो रही है,तो उधर मीलों दूर बैठे पीर मछेन्दर नाथ के कुछ शिष्य ऐसे भी हैं,जिन्हें राजनीति से तो कोई वास्ता नही रहता लेकिन अब उन्हें लगता है कि कहीं है ये पीर मछेन्दर नाथ के शिष्य गोरखनाथ और फिर उनके भी शिष्य महंत अवैद्यनाथ के चेले योगी आदित्यनाथ को निपटाने की कोई सुनियोजित साजिश तो नहीं है,जो पर्दे के पीछे से चल रही है.आज मकर संक्रांति के मौके पर स्वामी प्रसाद मौर्य क्या धमाका करने वाले हैं,ये तो हम सबको पता चल ही  जायेगा.

वैसे तो योगी आदित्यनाथ जिस नाथ संप्रदाय की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं,उसे मानने वालों का राजनीति से न कोई वास्ता होता है और न ही उस पर वे भरोसा करते हैं.चूंकि गुरु गोरखनाथ की गद्दी संभालने वाले महंत अवैद्यनाथ को राम मंदिर निर्माण आंदोलन के जरिये जब बीजेपी ने पहली बार सियासी मैदान में उतारा,तो नाथ संप्रदाय के शिष्यों को भी लगा कि धर्म की ध्वजा फहराने के लिए राजनीति का साथ लेना भी शायद वक़्त का तकाज़ा है.

चूंकि पांच साल तक योगी ने हिंदुत्व को जिंदा रखते हुए यूपी को जितनी सफलता से आगे बढ़ाया है,उससे वे सिर्फ विरोधियों के नहीं बल्कि अपनी ही पार्टी के कुछ खास नेताओं के आंखों की किरकिरी बन चुके हैं लेकिन शायद वे नेता ‘हठयोग’ के बारे में नहीं जानते.”

चूंकि आज मकर संक्रांति है,जब वे गोरखनाथ के गुरु मछेन्दर नाथ की याद में भव्य उत्सव का आयोजन करते हैं,लिहाज़ा कल रात जब फ़ोन पर उनसे इस बारे में चर्चा हुई तो उन्होंने अपने आयोजन से ज्यादा यूपी में मचे सियासी बवाल पर जो कुछ कहा,वह हैरान करने के साथ ही उन सबके लिए थोड़ा परेशान करने वाला भी है,जो राजनीति को गहराई से समझने के ठेकेदार होने का दावा करते हैं.जब जिक्र छिड़ ही गया,तो फिर उनसे कई सवाल हुए जिनके जवाब भी मिले.

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