ससुराल वालों को पसंद नहीं आया दामाद तो लौटा दी बारात, बिना दुल्हन ही घर लौटा दूल्हा

ससुराल वालों को पसंद नहीं आया दामाद तो लौटा दी बारात, बिना दुल्हन ही घर लौटा दूल्हा

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। देवबंदी और बरेलवी इमाम से निकाह को लेकर विवाद इतना तूल पकड़ गया कि बारात बिना दूल्हा के वापस लौट गई। हालांकि, निकाह लड़की पक्ष के देवबंदी इमाम ने पढ़ा दिया था। इस बीच दोबारा घर जाकर बरेलवी इमाम से निकाह की बात लड़की पक्ष तक पहुंची तो बिना दुल्हन के बारात को वापस लौटा दिया गया।

यह है पूरा मामला

कोतवाली के ग्राम पानूवाला के युवक का रिश्ता सुरजन नगर चौकी क्षेत्र के ग्राम दूल्हापुर की युवती से तय हुआ था। लड़का पक्ष बरेलवी विचारधारा से ताल्लुक रखता है, जबकि लड़की पक्ष देवबंदी विचारधारा से जुड़ा है।

शनिवार को पानूवाला से बारात दूल्हापुर पहुंची तो लड़का पक्ष अपने मसलक बरेली का इमाम साथ ले गया था। बारात के खाने के बाद निकाह की बारी आई तो लड़के पक्ष ने बरेली मसलक से निकाह पढ़ाने की शर्त रख दी। इसको लेकर विवाद हो गया, हालांकि, निकाह पढ़ाने का हक लड़की के मोहल्ले की मस्जिद के इमाम का होता है।

आपस में समझौता हो गया और दूल्हापुर की मस्जिद के इमाम ने निकाह पढ़ा दिया। निकाह के दरमियान बारातियों में विदाई के बाद घर जाकर तलाक के बाद अपने मसलक के बरेलवी इमाम से निकाह चरचा कर दी। इसकी भनक लड़की पक्ष को लग गई तो लड़की पक्ष ने विदाई से इनकार कर दिया।

हालांकि, लड़का पक्ष का कहना है कि रिश्ते में देखने के बाद लड़की पक्ष को लड़का पसंद नहीं आया है। इसलिए मसलक की आड़ रखकर बारात को लौटा दिया है। हालांकि, विवाद के निस्तारण को रविवार को दोनों पक्षों की पंचायत स्थानीय भाजपा नेता के आवास पर बैठी है।