महाशिवरात्रि के चुनावों के बीच में पड़ने से कफ़ा हो गयी सपा, चुनाव आयोग पर लगाया बड़ा आरोप, जाने पूरा मसला

महाशिवरात्रि के चुनावों के बीच में पड़ने से कफ़ा हो गयी सपा, चुनाव आयोग पर लगाया बड़ा आरोप, जाने पूरा मसला

लखनऊ,उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के छठे चरण के लिए आज शाम प्रचार थम जाएगा. इस फेज में 10 जिलों की 57 सीटों पर 676 प्रत्याशी मैदान में हैं. यहां 3 मार्च को वोटिंग होनी है. इसी चरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद भी गोरखपुर सीट से चुनावी मैदान में उतरे हैं. इसके साथ ही एक दर्जन सीटों पर उनके करीबी चुनाव लड़े रहे हैं. ऐसे में पूर्वांचल के इस सियासी संग्राम में योगी की साख दांव पर लगी है.

यूं तो धर्म और जाति भारतीय राजनीति का पर्याय हैं, लेकिन जब बात उत्तर प्रदेश (यूपी) की होती है, तो इस राज्य की राजनीति की कल्पना जाति-धर्म के समीकरणों के बिना संभव ही नज़र नहीं आती है.बीजेपी के एजेंडे में हमेसा धर्म एक विशेष पहलू रहा है और इसी को लेकर विपक्षी पार्टियां बीजेपी पर धर्म के नाम पर राजनीती करने का आरोप लगाती रही है l लेकिन कोई भी पार्टी धर्म जाति और सम्प्रदाय की राजनीति करने से अछूती नहीं है l

अभी हाल ही में अखिलेश यादव की पत्नी डिम्पल यादव ने भगवा की तुलना लोहे में लगे जंग से करके धर्म की सियासत को हवा दी ही थी कि उनकी ही पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने मऊ में चुनाव प्रचार में महाशिवरात्रि से जुड़ा एक ओछा बयान देकर पार्टी और खुद की किरकिरी करा ली l

समाजवादी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए ये तक कह दिया कि चुनाव आयोग को चुनावी समयसारणी बनाते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए था कि महाशिवरात्रि का पर्व चुनावों के बीच ना पड़े उसने ऐसा जानबूझकर और बीजेपी के हिंदुत्व वाले एजेंडे को ध्यान में रखते हुए किया है l उनके इस बायान के बाद उनकी जमकर किरकिरी हो रही है l