लिखा हुआ श्लोक तक पढ़ नहीं पा रहे हैं- भाषण के दौरान लड़खड़ाई सीएम योगी की जुबान तो लोगों ने ऐसे कसा तंज

लिखा हुआ श्लोक तक पढ़ नहीं पा रहे हैं- भाषण के दौरान लड़खड़ाई सीएम योगी की जुबान तो लोगों ने ऐसे कसा तंज

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) अब अंत की ओर है। सिर्फ दो चरणों का मतदान बाकी है। तीन और सात मार्च को मतदान के बाद दस मार्च को नतीजे सामने आएंगे। अंतिम दो चरण सभी पार्टियों के लिए काफी महत्वपूर्ण है लिहाजा सभी पार्टियां वोटरों को लुभाने में कोई कमी नहीं करना चाहती हैं। जनता से नए वादे कर, विपक्षियों पर प्रहार कर सभी पार्टियां लोगों को अपने पक्ष में लाने की पूरी कोशिश कर रही हैं।

सीएम योगी पर कसा तंज: समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) ने छठे चरण के चुनाव से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ (UP CM YOgi Adityanath) पर बड़ा हमला बोला है। समाजवादी पार्टी के ट्विटर हैंडल से काशी विश्वनाथ धाम (Kashi Vishwanath Dham) के लोकार्पण कार्यक्रम में सीएम योगी के भाषण का एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें सीएम योगी आदित्यनाथ श्लोक का उच्चारण करते हुए अटक रहे हैं। वीडियो शेयर करते हुए समाजवादी पार्टी के ट्विटर हैंडल से तंज भी कसा गया है।

“ये बाबा हैं या योगी?”: समाजवादी पार्टी मीडिया (Samajwadi Party Media) के ऑफिसियल ट्विटर अकाउंट से ट्वीट करते हुए लिखा गया है कि ये बाबा हैं? ये योगी हैं? ये कथित संत हैं? क्या हैं ये? लिखा हुआ श्लोक तक पढ़ नहीं पा रहे हैं,जुबान लड़खड़ा रही है, दावे स्वयंभू योगी/संत/महात्मा होने का करते हैं? किसी अन्य दल के नेता से ऐसा हुआ होता तो अब तक भाजपाई उसके हिन्दू होने पर ही सवाल खड़े कर देते।”

लोगों की प्रतिक्रियाएं: समाजवादी पार्टी मीडिया के इस ट्वीट पर अब लोग अपनी प्रतिक्रियाएं भी दे रहे हैं। तुषार गुप्ता नाम के यूजर ने लिखा कि “एक शब्द पर जबान लड़खड़ाने पर आपने वीडियो डाल दिया और उन्हीं संत, महात्मा के कपड़ों को आप जंग लगा कपड़ा कहते हैं, जिन पर भगवान श्री राम और पवित्र रामायण रखी जाती है। उसे आपने जंग लगा रंग बता दिया, दोनों में फर्क साफ है।” सैफई का माहौल नाम के अकाउंट से लिखा गया कि “तुम क्या जानो, संत और योगी क्या होता है? क्योंकि तुम लोगों को तो उनका सम्मान भी करना नहीं आता। उनके वस्त्रों को जंग लगा बताते हो।”

अनिल यादव नाम के यूजर ने लिखा कि “बाबा जी को रुद्राष्ट भी नहीं याद है। इसे भी देख कर पढ़ रहे हैं। हम समाजवादियों से पूछो, बिना देखे एक सांस में सुना देंगे। तुलसी दास द्वारा रचित रुद्राष्ट का अपमान कर रहे हैं।” डा. नीतेन्द्र नाम के यूजर ने लिखा कि योगी जी, 10 मार्च के बाद आपके पास काफी वक्त होगा, मेरा अनुरोध है कि कम से कम भगवा चोले का मान रखें, धर्मग्रंथ ही पढ़ें।  संस्कृत पढ़ने में समस्या हो तो हमसे भी संपर्क कर सकते हैं, आपको सही से पढ़ना जरूर सिखा सकता हूं।”

रश्मि यादव ने लिखा कि “मजार औऱ मस्जिदों पर सिर झुकाने वाले लोगों को तो योगी जी द्वारा उच्चारित किए गए श्लोंक का मतलब भी नहीं मालूम होगा.. होगा भी कैसे कभी किसी मंदिर में माथा टिकाया होता या हिंदू आस्था का सम्मान करते तो मालूम होता, पता नहीं कैसे हिंदू हैं या वोट के लिए सिर्फ हिंदू बनते हैं।”