अखिलेश के करहल से विधायकी ना छोड़ने पर कफ़ा हुए चाचा शिवपाल, जल्द ही बीजेपी से कर सकते हैं गठबंधन

अखिलेश के करहल से विधायकी ना छोड़ने पर कफ़ा हुए चाचा शिवपाल, जल्द ही बीजेपी से कर सकते हैं गठबंधन

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के सूत्रों के मुताबिक शिवपाल यादव को सपा के संगठन या विधानसभा के अंदर विधायक दल में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है. शिवपाल यादव के खेमे को ये उम्मीद है कि उन्हें सदन में नेता प्रतिपक्ष या संगठन में प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व मिल सकता है.

ऐसा नहीं होने पर शिवपाल यादव के खेमे में निराशा होगी.कहा ये भी जा रहा है कि सूबे के वर्तमान राजनीतिक हालात को देखते हुए शिवपाल यादव के पास सपा में कोई जिम्मेदारी नहीं दिए जाने की स्थिति में सीमित विकल्प होंगे. यदि सपा में शिवपाल को कोई जिम्मेदारी नहीं मिलती है तो उनका फोकस प्रगतिशील समाजवादी पार्टी पर होगा. वो 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले कोई बड़ा निर्णय भी ले सकते हैं.

सूत्रों की मानें तो शिवपाल सपा में कोई जिम्मेदारी न मिलने की स्थिति में 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में भी शामिल हो सकते हैं. यूपी के विधानसभा चुनाव हो चुके हैं ऐसे में माना ये जा रहा है कि शिवपाल पर अब विभीषण होने का दाग नहीं लगेगा और ऐसी हालत में अगर शिवपाल कोई निर्णय लेते हैं तो वह उनका स्वतंत्र निर्णय होगा

गौरतलब है कि शिवपाल यादव जसवंत नगर विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए हैं. शिवपाल यादव ने चुनाव प्रचार के दौरान भी अपना दर्द जाहिर करते हुए कहा था कि अखिलेश से अपनी पार्टी के लिए सौ सीटें मांगी थीं लेकिन मिली सिर्फ एक. शिवपाल यादव के खुद सपा से चुनाव लड़ने और पीएसपी के नेताओं को टिकट नहीं दिए जाने के बाद कई नेता पार्टी छोड़ चुके हैं.