फूलन देवी के हत्यारे का महिमामंडन भी शूरवीरों की तरह – शेर सिंह राणा पर बन रही फिल्म पर भड़के पत्रकार, लोग भी कसने लगे तंज

फूलन देवी के हत्यारे का महिमामंडन भी शूरवीरों की तरह – शेर सिंह राणा पर बन रही फिल्म पर भड़के पत्रकार, लोग भी कसने लगे तंज

Source: जनसत्ता

विद्युत जामवाल को लीड रोल में लेकर एक फिल्म बन रही है. इसका नाम है Sher Singh Raana. ये उस आदमी की बायोपिक है, जिसने फूलन देवी की गोली मारकर हत्या कर दी थी. बाद में उसी आदमी ने दावा किया कि वो अफगानिस्तान गया और वहां से राजपूत राजा पृथ्वीराज चौहान के अवशेष वापस लेकर आया. उसी शख्स का नाम है शेर सिंह राणा. ये फिल्म मुख्यत: राजपूत शासक पृथ्वीराज चौहान वाले मसले को प्राइमरी तौर पर कवर करती दिखाई दे रही है. ये हम नहीं फिल्म का अनाउंसमेंट पोस्टर कह रहा है.

फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अभी शांत नहीं हुआ था कि अब एक और फिल्म की चर्चा शुरू हो गई है। इस फिल्म का नाम है शेर सिंह राणा। इस फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं। कुछ लोग इस फिल्म का इंतजार आकर रहे हैं तो कुछ फिल्म का नाम सुनते हुए आक्रोश में आ गये हैं और इसकी शूटिंग को ही रोक देने तक की मांग कर रहे हैं।

अभिनेता ने शेयर किया पोस्टर: एक्टर विद्युत जामवाल इस फिल्म में शेर सिंह राणा का किरदार निभाने वाले हैं। जिसका पोस्टर उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। इस पर अब लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। पत्रकार अजित अंजुम ने ट्विटर पर लिखा कि “फूलन देवी के कातिल सजायाफ्ता मुजरिम शेर सिंह राणा पर फिल्म? एक कातिल को महिमामंडन किया जा रहा है।”

फिल्म की शूटिंग रोकने की मांग: दिलीप मंडल ने ट्विटर पर लिखा कि “महाराष्ट्र सरकार से निवेदन है कि अपने यहां इस फिल्म की शूटिंग न होने दें। मुंबई तो कभी कोली यानी निषादों का गांव हुआ करती थी। वहीं पर वीरांगना, विश्व की श्रेष्ठ विद्रोहिणी, सांसद फूलन देवी की हत्या के हाई कोर्ट से सजायाफ्ता अपराधी पर फिल्म बनेगी, ये शर्मनाक है।”

लोगों की प्रतिक्रियाएं: इसके साथ ही मंडल आर्मी नाम के यूजर ने लिखा कि “एक हत्यारे को “हीरो” बनाकर यदि पेश किया तो जो कीमत चुकानी पड़ेगी उसका अंदाजा नहीं होगा फिल्म निर्माताओं को। महान विद्रोहिणी, वीरांगना फूलन देवी के हत्यारे की महिमा मंडन किया तो फिल्म किसी कीमत पर चलने नहीं देंगे। इसलिए देश की शांति में आग लगाने का काम न करें। इसे धमकी समझा जाय या चेतावनी।” बबिता गौतम नाम की यूजर ने लिखा कि “विद्युत आपको फिल्म करने से पहले उस इंसान की हकीकत को जानना चाहिए था। अगर आपने उस इंसान की हकीकत जान कर भी फिल्म की है तो आप में इंसानियत खत्म हो गयी।”