1857 क़ी महान क्रांति के महानायक कुंवर सिंह के पौत्र क़ी हुई हत्या, पुलिस पर लग रहे आरोप, सोई हुई है नितीश सरकार

1857 क़ी महान क्रांति के महानायक कुंवर सिंह के पौत्र क़ी हुई हत्या, पुलिस पर लग रहे आरोप, सोई हुई है नितीश सरकार

जगदीशपुर से आजमगढ़ तक, रीवा से लेकर कानपुर तक जिस योद्धा ने अंग्रेजों से भारत की स्वतंत्रताा हेतु 1857 में ईंट से ईंट बजा दियें उन्ही के प्रपौत्र बबलू सिंह को बिहार पुसिल ने पीट पीट कर हत्या कर दिया और सुशासन बाबू नीतीश कुमार गहरी निंद्रा में सो रहें है। बाबू वीर कुंवर सिंह के बारे में कहा जाता है कि- “सब कहतें है असंख्य दूर्ग जीतनें वाला भारतवर्ष में 80 वर्ष का वह अकेला बड़ा वीर मर्दाना था।”

गंगा,कर्मनाशा और सोन नदियों के संगम पर बसा हुआ जगदिशपुर के शासक बाबू वीर कुंवर सिंह थें। 1857 के क्रांति के महान नायक बाबू वीर कुंवर सिंह ने अंग्रेजों की अधीनता स्वीकार करने के स्थान पर विद्रोह का रास्ता चुनना स्वीकार किया।

भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में बाबू वीर कुंवर सिंह एकलौतें विद्रोही थें, जिन्होनें ना केवल अपनी रियास्त जगदीशपुर में अंग्रेज अधिकारी कैप्टन ली ग्रैण्ड को हराया बल्कि आजमगढ़ में कर्नल मिलमैन को, गाजीपुर में कर्नल कम्बरलेज और डॉगलॉस को युद्ध के मैदान में धूल चटायें बल्कि कानपुर में नाना साहेब को साथ दियें, झांसी में रानी लक्ष्मीबाई को सहयोग प्रदान कियें एंव बांदा में तात्या टोपें को सहयोग प्रदान कियें ।

आज उन्ही के प्रपौत्र बबलू सिंह को जगदीशपुर में पुलिस वालों ने जिस तरह से पीट पीट कर हत्या कर दिया वो दुखद घटना है।इस घटना को लेकर जगदीशपुर समेत पुरे बिहार में जहां आक्रोश है वहीं भोजपुर जिला के तत्कालीन S.P विनय कुमार तिवारी घटना स्थल पर पहूंचकर दोषियों को चिन्हित कर जल्द से जल्द सजा दिलानें की बात कहें ।

हजारों की संख्या में आक्रोशित भीड़ ने दोषी पुलिस क्रमियों को तुरंत गिरफ्तारी करने की मांग के साथ साथ 302 का मुकदमा दर्ज करने को लेकर आंदोलन किया।इस आंदोलन का नेतृत्व आरा में करणी सेना के संजीव सिंह सोलंकी एंव हिमांशू सिंह, पटना में विशाल सिंह एंव अभीषेक सिंह, हाजीपुर में अमित सिंह राठौर कर रहें है ।