मुंडका अग्निकांड: ‘आग में फंसी गर्लफ्रेंड ने वीडियो कॉल किया, लेकिन मैं बचा नहीं सका’

मुंडका अग्निकांड: ‘आग में फंसी गर्लफ्रेंड ने वीडियो कॉल किया, लेकिन मैं बचा नहीं सका’

पश्चिमी दिल्ली के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के बाहर लोगों की भीड़ है. यहां कुछ आंखों में आंसू हैं और कुछ में सवाल. भीड़ के बीच एक युवा बमुश्किल अपने आंसुओं को थामे गुमसुम खड़ा है.अपने आप को संभालते हुए वो बताता है, “मेरी गर्लफ्रेंड भी आग में फंसी थी. उसने मुझे वीडियो कॉल किया. मैं उसकी हिम्मत बढ़ा रहा था. धीरे-धीरे धुआं बढ़ता जा रहा था. और फिर कॉल कट गई.”

इस युवक की गर्लफ्रेंड अब लापता है. संजय गांधी अस्पताल के बाहर कई ऐसे परिवार हैं जिनके अपने आग की घटना के बाद से लापता हैं.14 साल की मोनी अपनी बहन पूजा को खोजते हुए अस्पताल पहुंची हैं. 19 साल की उनकी बहन उसी सीसीटीवी कंपनी के ऑफ़िस में नौकरी करती थीं जिसमें आग लगी.

मोनी कहती हैं, “हमें न्यूज़ से आग लगने का पता चला और हम दौड़ते हुए यहां आए. हमें नहीं पता कि हमारी बहन कहां हैं, प्रशासन ने बस इतना ही कहा है कि संजय गांधी अस्पताल में पता करो.”मोनी की बहन पूजा घर में सबसे बड़ी थीं और नौकरी करके पूरे परिवार की ज़िम्मेदारी संभाल रही थीं. अपनी बहन को याद करते हुए मोनी कहती हैं, “वो सुबह नौ बजे ऑफ़िस गई थी. वो डेटा एंट्री का काम करती थी, उसके पास फ़ोन नहीं था तो वो हमें फ़ोन भी नहीं कर सकी.”

फैक्ट्री में जो लोग बाहर की तरफ काम कर रहे थे, वे आग की घटना देखते ही भाग गए और सुरक्षित बच गए. जबकि जो लोग अंदर काम कर रहे थे, वे फंसकर रह गए. उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिला. घायलों को अलग-अलग अस्पताल में भर्ती कराया गया है. धुंआ का गुबार बता रहा था कि आग कितनी भयंकर लगी थी.

चीफ फायर ऑफिसर अतुल गर्ग के मुताबिक, करीब 30-40 लोग फंसे होने की सूचना है. तीसरी मंजिल पर मजदूरों के परिवार रहने की खबर है. आधे घंटे में ऑपरेशन पूरा कर लिया जाएगा. फायर फाइटर्स एक-एक कोने को सर्च करेंगे. आग बुझाने के लिए 27 गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. बिल्डिंग के मालिक को पुलिस ने हिरासत में लिया है.