जल्द दिखेगा गोलू और बीना भाभी का धमाकेदार अंदाज, मिर्ज़ापुर सीजन 3 का trailer release, देखें trailer और जाने कब आ रहा पूरा सीजन…

प्रयागराज, मिर्जापुर के निर्माता फरहान अखर और रितेश सिधवानी के खिलाफ मिर्ज़ापुर वेब सीरीज में उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर शहर के चित्रण के माध्यम से धार्मिक, सामाजिक और क्षेत्रीय भावनाओं को आहत करने के आरोप में उनके खिलाफ एक दर्ज मामले मे इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) को खारिज कर दिया।

न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी और न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की डिवीजन बेंच ने करण अंशुमन, गुरमीत सिंह, पुनीत कृष्णा और विनीत कृष्णा के खिलाफ हुई FIR को भी रद्द कर दिया, जो शो के दो सीज़न के लेखन और निर्देशन के लिए जिम्मेदार थे। इससे मिर्ज़ापुर के निर्देशक, निर्माता एवं कलाकारों को काफ़ी राहत हुई होगी l इस फैसले के बाद मिर्ज़ापुर सीजन 3 के रास्ते में आने वाली अड़चने काफ़ी हद तक कम हों गयी हैं l

मिर्जापुर वेब सीरीज का निर्माण करने वाले एक्सेल एंटरटेनमेंट के सह-संस्थापक सिधवानी ने IPC की धारा 295A (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य, किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को उसके धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करने के उद्देश्य से), 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) और 505 (सार्वजनिक शरारत करने वाले बयान) के तहत अपराधों के लिए प्राथमिकी (FIR) दर्ज होने के बाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। FIR में आरोप यह था कि वेब सीरीज में उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर शहर को अश्लील और अनुचित तरीके से दिखाया गया है।

एफआईआर 17 जनवरी को मिर्जापुर उत्तर प्रदेश में एक अरविंद चतुर्वेदी की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी, जिन्होंने आरोप लगाया था कि सीरीज में  मिर्जापुर शहर को असामाजिक और अपराध से पीड़ित के रूप में चित्रित किया है और यह शो अवैध संबंधों को बढ़ावा देता है जो कानूनी और न्यायिक प्रणाली की एक प्रदूषित तस्वीर को चित्रित करता है। हालांकि हाई कोर्ट ने इन तथ्यों को दरकिनार करते हुए FIR को रद्द करने का निर्णय दिया l इस FIR के रद्द होने से अब जिम्मेदार लोगों पर किसी प्रकार की कोई कानूनी कार्यवाही नहीं की जा सकेगी l

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