बचपन से बनाना चाहती थी हीरोइन और बनी IPS अफसर

बचपन से बनाना चाहती थी हीरोइन और बनी IPS अफसर

संघ लोक सेवा आयोग की सिविल परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों की कहानी अन्य के लिए प्रेरणा स्त्रोत बन जाती है। इसके पीछे की वजह उनकी मेहनत और लगन होती है। ऐसी ही कहानी आईपीएस अफसर सिमाला प्रसाद की है। सिमाला का जन्म 8 अक्टूबर 1980 को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल हुआ था। वह मध्य प्रदेश कैडर की आईपीएस अधिकारी हैं। सिमाला नक्सली क्षेत्र में अपने बेखौफ अंदाज के लिए जानी जाती हैं।

सिमाला पर बन चुकी है फिल्म

सिमाला प्रसाद ने फिल्म अलिफ में शम्मी का रोल निभाया है। इस फिल्म में मदरसे से स्कूल तक की कहानी को दर्शाया गया है। ये फिल्म तालीम की अहमियत को अच्छे तारीके रिप्रजेंट करती है। यह फील्म नवंबर 2016 में इंडियन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ क्वींसलैंड में बतौर प्रीमियर प्रदर्शित हुई और फरवरी 2017 में रिलीज हुई थी

सेल्फ स्टडी के दम पर हासिल की सफलता डीएसपी के पद पर रहने के साथ ही वे यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करती रहीं। सेल्फ स्टडी करके अपने पहले ही प्रयास में उन्होंने परीक्षा पास कर ली थी। सिमाला का मानना है कि सिविल सर्विसेज परीक्षा को सही गाइडेंस और सेल्फ स्टडी के दम पर पास किया जा सकता है। हालांकि इसको लेकर अभ्यर्थियों को सबसे पहले सिलेबस और एग्जाम पैटर्न का एनालिसिस करना पड़ेगा।DSP के पद पर भी कर चुकी हैं काम आईपीएस बनने से पहले सिमाला पीएससी परीक्षा पास करने के बाद पहली पोस्टिंग डीएसपी के तौर पर मिली थी। उसी दौरान यानि कि 20210 में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास की और आईपीएस ऑफिसर बन गईं।

बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हैं सिमाला आईपीएस ऑफिसर सिमाला प्रसाद ने अपनी पढ़ाई सेंट जोसफ कोएड स्‍कूल से शुरू की थी। इसके बाद उन्होंने ‘स्‍टूडेंट फॉर एक्‍सीलेंस’ से बीकॉम किया और फिर भोपाल के बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी से सोशियोलॉजी में पीजी किया। वे गोल्ड मेडलिस्ट रही हैं।

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