हरिद्वार की धर्मसभा बनी भाजपा के गले की फांस

हरिद्वार, उत्तराखंड के हरिद्वार में इस महीने की 17 तारीख़ से लेकर 19 तारीख़ तक एक ‘धर्म संसद’ का आयोजन किया गया था l वहाँ मौजूद लोगों के ‘विवादित भाषणों’ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं जिसमें वक्ता ‘धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र उठाने, 2029 तक मुस्लिम प्रधानमंत्री न बनने देने, मुस्लिम आबादी न बढ़ने देने और हिंदू समाज को शस्त्र उठाने का आह्वान करने जैसी बातें करते नज़र आ रहे हैं’ l

इस वीडियो के वायरल होने के बाद से क़ानून के जानकारों का कहना है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जिम्मेदार लोगों की गिरफ़्तारियां भी फ़ौरन ही होनी चाहिए थी l इसके साथ ही जिस तरह के हिंसक और भड़काऊ बयान दिये गए हैं, उनके आधार पर और दूसरी धाराएं भी जोड़ी जानी चाहिए थींl

गौरतलब है कि उत्तराखंड में और देश में इस समय बीजेपी की सरकार है तो ऐसे लोगों पर कार्यवाही करने की जिम्मेदारी भी उनकी ही है l साधु, संत, महात्मा और हिन्दू वोटो पर राजनीति करने वाली बीजेपी के लिए इन लोगों पर कार्यवाही करना आसान नहीं है और वो भी जब हाल ही में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत देश के कई बड़े राज्यों में चुनाव होने है l

धारा 153ए के प्रावधान के तहत “धर्म, मूलवंश, भाषा, जन्म-स्थान, निवास-स्थान, इत्यादि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता का संप्रवर्तन और आपसी सौहार्द्र के माहौल पर प्रतिकूल प्रभाव डालने” वाले कामों को शामिल किया गया है l कानूनी के जानकार और विपक्ष इन लोगों पर कार्यवाही करने का दबाव बना रही है l अब देखना है कि क्या सरकार इन लोगों पर कोई कार्यवाही करती है या नहीं l

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