यूक्रेन से युद्ध के बीच वाराणसी आ रहे हैं पुतिन, योगी के लिए करेंगे चुनाव प्रचार

नई दिल्ली,यूक्रेन पर रूस के हमले शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन जारी हैं। राजधानी कीव में सुबह 7 बड़े धमाके हुए। लोग रातभर घरों, सब-वे और अंडरग्राउंड शेल्टर में छिपे रहे। खाने-पीने से लेकर रोजाना की जरूरत की चीजों की कमी हो रही है

जंग के बीच, पहली बार रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने देश के नाम संबोधन दिया। कहा- हमारी स्ट्रैटेजी बिल्कुल साफ है और इरादे भी। हम यूक्रेन पर कब्जा नहीं करना चाहते। इसलिए यूक्रेन की फौज को चाहिए कि वो फौैरन सरेंडर करे। यूक्रेन के तमाम लोगों को वहां की सरकार ने बंधक बना लिया है। वोल्दोमिर जेलेंस्की की सरकार ड्रग एडिक्ट और नाजियों का गिरोह है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्लैक सी में रूस ने रोमानिया के एक शिप पर मिसाइल हमला किया। इसमें आग लग गई है। ये बेहद अहम खबर है। दरअसल, रोमानिया नाटो का मेंबर है और नाटो अब तक रूस के खिलाफ जंग में इसलिए नहीं कूदा, क्योंकि उसका कहना है कि यूक्रेन नाटो का मेंबर नहीं है। इसलिए, हम उसकी सीधी सैन्य मदद नहीं कर सकते। इसका मतलब यह है कि अब अमेरिका भी इस जंग में कूद सकता है, क्योंकि उसने साफ कहा था कि अगर किसी नाटो मेंबर पर हमला होता है तो वो कार्रवाई करने में वक्त नहीं लगाएगा।

रूस सरकार के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा है कि उनकी सरकार डिप्लोमैट्स को बातचीत के लिए बेलारूस की राजधानी मिंस्क भेज सकती है। इस बारे में रूस की तरफ से लिखित बयान जारी किया गया है। इसके पहले उसने यूक्रेनी सेना के सरेंडर की शर्त रखी थी।

इस बीच रूस का रवैया भारत को लेकर सकारात्मक बना हुआ हैं रूस के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के उनके देश में आगमन का भारत से उनके रिश्तो पर कोई प्रभाव नहीं होगा l

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