भारत के पहले परमाणु बम का बटन दबाने वाला वह शख्स कौन था? उस दिन 5 मिनट की देरी की वजह क्या थी?

नई दिल्‍ली : भारत के पहले न्‍यूक्लियर वेपन टेस्‍ट का बटन दबाने वाले प्रणब दस्‍तीदार नहीं रहे। उन्‍होंने 11 फरवरी को अमेरिका के कैलिफोर्निया में अंतिम सांस ली। 18 मई, 1974 को ‘स्‍माइलिंग बुद्धा’ कोडनेम वाले ऑपरेशन के तहत भारत ने पहला परमाणु परीक्षण किया था। दस्‍तीदार को अगले साल, 1975 में पद्मश्री से सम्‍मानित किया गया था। वह भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) के डायरेक्‍टर भी रहे। इसके अलावा यूनाइटेड नेशंस इंटरनैशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के निदेशक भी रहे। बतौर वैज्ञानिक, उन्‍होंने भारत की पहली स्‍वदेशी परमाणु पनडुब्‍बी INS अरिहंत के लिए रिएक्‍टर के डिजाइन और डिवेलपमेंट में भी अहम भूमिका निभाई।

प्रणब रेवतीरंजन दस्‍तीदार को पोकरण-I में इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेशन सिस्‍टम टीम की कमान सौंपी गई थी। पूरे प्रॉजेक्‍ट की जानकारी बेहद चुनिंदा लोगों को दी। 1967 से 1974 के बीच करीब 75 साइंस्टिस्‍ट्स और इंजिनियर्स ने देश की पहली न्‍यूक्लियर डिवाइस तैयार की। इसे ट्रिगर करने के लिए BARC की लेजर डिविजन ने हाई स्‍पीड गैस ट्यूब स्विचेज तैयार किए। 15 मई 1974 तक डिवाइस को शाफ्ट में उतारा जा चुका था

उस दिन दस्‍तीदार और उनकी टीम टेस्‍ट साइट से 5 किलोमीटर दूर ऑब्‍जर्वेशन बंकर में मौजूद थी। टेस्‍ट का समय सुबह 8 बजे मुकर्रर किया गया था लेकिन देरी हुई। ऐसा इसलिए क्‍योंकि हाई स्‍पीड कैमरा चेक करने के लिए भेजे गए इंज‍िनियर वीएस सेठी की जीप स्‍टार्ट होने का नाम ही नहीं ले रही थी। टेस्‍ट समय पर हो, इसके लिए सेठी चढ़ाई करके साइट पर पहुंचे मगर जीत ठीक करने की सेना की कोशिशों के चलते और देरी हुई। आखिरकार सुबह 8.05 बजे दस्‍तीदार ने फायरिंग बटन दबाया। इस टेस्‍ट के बारे में पोकरण में मौजूद टीम से इतर सिर्फ तीन लोगों को पता था – तत्‍कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके खासमखास – पीएन हसकर और डीपी धार।

पोकरण-I में अहम भूमिका निभाने वाले फिजिसिस्‍ट राजा रमन्‍ना ने अपनी ऑटोबायोग्रफी ‘Years Of Pilgrimage’ में वजह का खुलासा किया है। वे विस्‍फोट के दिनों को याद करते हुए लिखते हैं कि उस रोज इसपर थोड़ी बहस हुई कि बटन कौन दबाएगा। रमन्‍ना ने लिखा, ‘मैंने यह सुझाव देकर चर्चा को विराम दिया कि जिस आदमी ने ट्रिगर तैयार किया है, उसे ही दबाना भी चाहिए। दस्‍तीदार को बटन दबाने के लिए चुना गया…।

 

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