जानें ऐसा क्या हो गया कि अखिलेश ने बीजेपी छोड़कर जाने वाले मंत्री विधायकों को अपनी पार्टी में ना लेने कि बात कहा दी

जानें ऐसा क्या हो गया कि अखिलेश ने बीजेपी छोड़कर जाने वाले मंत्री विधायकों को अपनी पार्टी में ना लेने कि बात कहा दी

लखनऊ,उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद से ही सरगर्मी बढ़ गई है. सत्ताधारी बीजेपी से पलायन शुरू हो गया है. अब तक 15 से ज्यादा विधायक और मंत्री बीजेपी छोड़ चुके हैं.

अब तक समाजवादी पार्टी में दूसरे राजनीतिक पार्टियों से दर्जन भर से ज्यादा नेता शामिल हो चुके हैं. इनमें सबसे ज्यादा बीजेपी के नेता हैं. पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, पूर्व मंत्री धर्म सिंह सैनी, कानपुर बिल्हौर से विधायक भगवती सागर, एमएलसी विनय शाक्य, शाहजहांपुर से विधायक रोशनलाल वर्मा, शिकोहाबाद से विधायक डॉ मुकेश वर्मा, बांदा से विधायक बृजेश कुमार प्रजापति,

सिद्धार्थ नगर से विधायक और अपना दल के नेता चौधरी अमर सिंह, रामपुर से पूर्व विधायक अली युसूफ, सीतापुर से पूर्व मंत्री राम भारती, शाहजहांपुर से पूर्व विधायक नीरज मौर्य, हरपाल सिंह, मुरादाबाद से पूर्व विधायक बलराम सैनी, मिर्जापुर से पूर्व विधायक राजेंद्र प्रसाद सिंह पटेल, पूर्व राज्यमंत्री विद्रोही धनप, पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी, पूर्व मंत्री अयोध्या प्रसाद पाल, पदम सिंह, बंसी सिंह पहलिया, अमरनाथ सिंह मौर्य, राम अवतार सैनी, आर के मौर्य, दामोदर मौर्य, बलराम मौर्य, देवेश शाक्य, महेंद्र मौर्य, रजनीकांत मौर्य, राम लखन चौरसिया, देवेश श्रीवास्तव और चंद्रपाल सिंह सैनी जैसे नेता अब तक समाजवादी पार्टी में शामिल हो चुके हैं.

अब अखिलेश यादव के साथ समस्या इस बात की है कि आगामी विधानसभा चुनाव में अगर वह इन नेताओं को समाजवादी पार्टी से टिकट देते हैं तो फिर समाजवादी पार्टी के उन पुराने नेताओं का क्या होगा जो बीते 5 वर्ष से जमीन पर एसपी के लिए संघर्ष कर रहे हैं और अगर चुनाव से पहले पार्टी के अंदर ही मतभेद शुरू हो गए तो फिर समाजवादी पार्टी के लिए विधानसभा चुनाव में इन विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज करना मुश्किल हो जाएगा.दूसरी बात ये कि पिछले कुछ दिनों में बीजेपी में हुई भगदड़ को बीजेपी आलाकमान ने गंभीरता से लेते हुए आगे ऐसा ना हो पाने के लिए पूरी ताकत लगा दी है जिससे अब आगे बीजेपी छोड़कर जाने वाले नेता शायद और हो भी ना l