उत्तर प्रदेश के वोटर हैं तो वोट देने से पहले जान लें कितने बड़े अपराधी हैं आपके होने वाले विधायक

नई दिल्ली, भारत विश्व में सबसे बड़ा लोकतान्त्रिक देश हैं और चुनाव इस लोकतंत्र का मुख्य त्यौहार है l प्रत्येक 5 वर्ष में ये त्यौहार आता है जिसमें देश कि जनता अपने क्षेत्र से सांसद और विधायक चुन कर संसद और विधानसभा में अपने भाग्य का निर्धारण करने भेजती है l

लेकिन भारत के लोकतंत्र का दुर्भाग्य कहें या जनता के पास विकल्पों का आभाव कहें, ऐसे बहुत से जनप्रतिनिधि जिन्हे जनता चुन कर भेजती है वो बहुत सारे आपराधिक और संगीन कार्यों में लिप्त पाए गए है l बहुत बार ऐसे लोग अपने धन बल और बाहुबल के माध्यम से भी गलत तरीकों से चुनाव जीत जाते है l आज हम आपको ऐसे ही कुछ चुनिंदा लोगों के बारे में बताने जा रहे है l

2017 के विधानसभा चुनाव में चुनकर आए भाजपा के 114, सपा के 14, बसपा के 5 और कांग्रेस के 1 विधायक पर आपराधिक मामले दर्ज है lउत्तर प्रदेश की धामपुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक अशोक कुमार राणा के ऊपर महिला के खिलाफ अपराध का मामला दर्ज है l

एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स यानी एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां के 2019 में चुनकर आए यहां के 80 लोकसभा सांसदों में से 44 सांसदों पर आपराधिक मामले दर्ज थे। जबकि, 2017 के विधानसभा चुनाव में चुनकर आए 403 विधायकों में से 147 विधायकों पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं।

2017 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव हुए। इस चुनाव में 403 सीटों के लिए 4 हजार 823 उम्मीदवार उतरे थे। उसमें से 17% यानी 859 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज थे। इन 859 में से भी 704 तो ऐसे थे, जिनपर गंभीर आपराधिक मामले थे। गंभीर अपराध यानी ऐसे अपराध जिनमें 5 साल या उससे ज्यादा की सजा मिलती हो या गैर-जमानती हो।

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